आज के समय में आधार कार्ड हर भारतीय के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। चाहे बैंक खाता खोलना हो, सिम कार्ड लेना हो या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना हो, आधार के बिना कुछ भी अधूरा लगता है। लेकिन जब आधार कार्ड में कोई गलती हो जाती है या किसी वजह से हमें उसमें बदलाव की ज़रूरत पड़ती है, तब असली परेशानी शुरू होती है।
अब इस परेशानी से बचने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI ने नए नियम लागू कर दिए हैं। अगर आप भी आधार अपडेट करवाने की सोच रहे हैं, तो आपको इन नियमों को ध्यान से समझना और ज़रूरी दस्तावेज़ों की तैयारी करनी होगी।
अगर आधार में दो नंबर बन गए हैं तो कौन-सा होगा मान्य?
UIDAI ने इस पर अब पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी व्यक्ति के नाम से गलती से दो या उससे अधिक आधार नंबर बन जाते हैं, तो केवल वही आधार मान्य होगा जो सबसे पहले जारी हुआ था। बाकी सभी आधार अपने आप रद्द कर दिए जाएंगे। यानी अब दोहरे आधार की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी, और पहचान में पारदर्शिता बनी रहेगी।
कौन-कौन से दस्तावेज़ होंगे जरूरी?
UIDAI ने आधार अपडेट के लिए चार प्रमुख दस्तावेजों की जरूरत बताई है। ये दस्तावेज नाम, पता, जन्मतिथि और रिश्ते के प्रमाण से जुड़े हैं। अगर आप आधार कार्ड में नाम, पता या जन्मतिथि बदलवाना चाहते हैं तो अब पहले से तय इन दस्तावेजों में से ही किसी एक को पेश करना होगा। पहचान प्रमाण के रूप में पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस को मान्य किया गया है। वहीं, पते के प्रमाण के लिए बिजली, पानी या बैंक का हालिया बिल भी चल सकता है। जन्म प्रमाण के लिए स्कूल की मार्कशीट या सरकार द्वारा जारी प्रमाणपत्र उपयोगी होंगे।
किन लोगों को मानना होगा यह नियम?
ये नियम सिर्फ भारत में रहने वाले नागरिकों तक सीमित नहीं हैं। विदेशों में रह रहे भारतीय (NRI), 5 साल से बड़े बच्चे और भारत में लंबे वीज़ा पर रह रहे विदेशी नागरिकों को भी इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। विदेशियों और OCI कार्डधारकों के लिए पासपोर्ट, वीज़ा, नागरिकता प्रमाणपत्र या FRRO रेजिडेंस परमिट जैसे दस्तावेज अनिवार्य कर दिए गए हैं।
आखिर क्यों ज़रूरी है ये बदलाव?
आधार के डेटा को सुरक्षित, सटीक और समयानुकूल बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद ज़रूरी है। फर्जीवाड़े को रोकने, सरकारी योजनाओं का सही लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने और डिजिटल इंडिया के सपने को मजबूत करने के लिए आधार की शुद्धता बेहद जरूरी है। UIDAI का यह प्रयास आम नागरिकों की सुविधा और सिस्टम की पारदर्शिता को एक नया स्तर देगा।